आप अपने को पहचाने।


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मै आपको एक स्टोरी के थ्रू यह  बताऊंगा कि आपकी पोटेंशियल क्या है?

एक बार की बात है एक जंगल में बहुत सारे शेर रहते थे। एक बार जब वे शिकार पर गए तब एक छोटा शेर उन शेरों के झुंड से बिछड़ गया अभी वह छोटा था इसलिए उसे शिकार करना नहीं आता था। वह भेड़ों के झुंड में जाकर शामिल हो गया और उनके साथ रहने लगा तथा उनकी  तरह ही सभी काम को करने लगा धीरे-धीरे उसकी आदत भेड़ों जैसी हो गई ।  वह भेड़ों की तरह ही हर काम करने लगा। अब उसका सारा समय भेड़ों के साथ बीतता था।


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वह भेड़ों के साथ रहते-रहते इतना आदि हो गया था कि यहां तक कि अपने को पहचान भी नहीं पा रहा था कि मेरी मेरी शक्ति क्या है? मैं शेर हूं? इसी तरह उसका समय बीतता गया। एक बार जब सबेरे भेड़ों का झुंड घास खा रही थी ।तब उनके साथ छोटा शेर भी था वह भी उनके साथ था। वह भी उनके साथ रहते रहते वैसा ही व्यवहार करने लगा था। उनपर उनके पास  के जंगल से एक शेर की नजर इन भेड़ों के झुंड पर गई और वह इन भेड़ों के झुंड पर प्रहार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ा शेरों के प्रहार से बचने के लिए सभी भेड़ इधर-उधर तेजी से बढ़ने लगी और मैं उपस्थित छोटा शेर भी भागने लगा जब उधर उस शेर की नजर छोटे शेर पर पड़ी और वह उन भेड़ों के साथ भागते देखा तो वह अचरज में पड़ गया कि शेर होकर वह भेड़ों के साथ क्यों भाग रहा है ? तो उसके मन में यह बात जानने की इच्छा हुई तो उसने भेड़ों को छोड़कर वह छोटे शेर को पकड़ लिया और उससे पूछा कि तुम शेर हो कर तुम भेड़ों के साथ क्यों भाग रहे हो?तब उस शेर ने डरे हुए आवाज में उस शेर से कहा कि मुझे छोड़ दो मैंने क्या किया है? मुझे मत खाओ ।मैं तो बहुत छोटा हूं, मैं भेड़ हूं मुझे मत खाओ। मैं शेर नहीं हूं। तब शेर ने बहुत तेज से उस पर दहाड़ लगाई और उसे अपने जबड़ों में पकड़ लिया और आगे नदी की ओर बढ़ने लगा जब वे नदी के पास पहुंच गया। तब वह छोटे शेर को अपनी जबड़ों से बाहर निकाल कर उससे कहा कि देखो इस नदी के पानी में  उसने अपनी परछाई नदी में देखी वह अपनी परछाई देखकर डर गया कि शेर कहां से पानी में आ गया और उसने दोबारा देगी तब जाकर उसको विश्वास हुआ कि नहीं मैं शेर हूं तब भी अभी पूरी तरह से उसे विश्वास नहीं हुआ था। तब शेर ने उसे दहाड़ लगाने के लिए कहा तब शेर बहुत डरा हुआ था उसने कहा कि नहीं मैं दहाड़ नहीं लगा सकता क्योंकि मैं भेड़ हूं।


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तब उस शेर ने बहुत तेजी से दहाड़ लगाया और उस छोटे से शेर से दहाड़ लगाने के लिए कहा बहुत जोर देने के बाद उस छोटे से शेर ने दहाड़ लगाने की कोशिश की लेकिन चार पांच बार कोशिश करने के बाद जब वह जान चुका था कि वह शेर है तब उसने तेजी से दहाड़ लगाई जिससे उसके दहाड़ को सुनकर उसके आसपास के पशु सब भागने लगे तब उसे विश्वास हुआ कि मैं शेर हूं।


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मैं इस कहानी के थ्रू या बताना चाहता हूं कि हम सब के पास भी पोटेंशियल है जो एक सक्सेसफुल पर्सन के पास होता है लेकिन हमें उस पोटेंशियल को पहचानना होगा। हम भी उस शेर की तरह होते कि भेड़ों के झुंड में रहते रहते  हम भी उनकी तरह हो जाते हैं तो हमें उन झुंड से बाहर निकलना होगा तब जाकर हम अपनी ताकत को जान पाएंगे कि एक महान लीडर ने बोला  है कि हम वह सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं और हम वह सब सोच सकते हैं जो हमने अभी तक नहीं सोचा।

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