जिसके पैदा होते ही पड़ोसियों ने मारने कि बात की उसने बनाई 50 करोड़ की कम्पनी


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हौसला हो तो क्या नहीं किया का सकता । इंसान में सच्ची प्रतिभा होनी चाहिए। बस फिर कोई भी कठिनाई उसका रास्ता या बुलंद हौसलों को मात नहीं दे सकती । यहां हम बात कर रहे है एक ऐसे शख्स की , जिसने अपने जज्बे कि कायम रखा और मंजिल को पाने का रास्ता बनाया और हासिल भी किया ।

श्रीकांत बोला जो बचपन से ही अंधा पैदा हुए थे ये देख उनके माता- पिता बहुत चिंतित हो गए थे और पड़ोसियों ने तो उन्हें मारने का भी सुझाव से रहे थे और ये बोल रहे थे कि बड़ा होकर ये सहारा नहीं बोझ बनेगा । पर माता – पिता तो माता पिता ही है अपना बच्चा कैसा भी उस पालते ही है।


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जब वे बड़े हुए तो उनको भी गरीबी कि वजह से उन्हें प्राइमरी स्कूलों में  भेजा गया पर अंधे होने की वजह  से उन्हें परेशानी होती थी पढ़ने-लिखने में और किसी भी फंक्शन में भाग नहीं ले पाते थे । उन्हे अपने स्कूल में हिन भावना से देखा जाता था और उन्हें  पीछे की शीट पर बैठाया जाता । पिता ने उन्हें खेत के काम में हेल्प करने के लिए ले जाते थे वे वहां भी हेल्प नहीं कर पाते थे। उनके पिता को पता था कि श्रीकांत पढ़ने में अच्छा है इसलिए उन्होंने पढ़ने के लिए उन्हे नेत्रहीन कॉलेज में उनका दाखिला हुआ वे वहां जी जान लगाकर मेहनत किया और आंध्र प्रदेश बोर्ड से हाई स्कूल की परीक्षा में 90% लाया जिससे घर वाले बहुत खुश हुए और उन्हें ग्यारहवीं की  पढ़ाई  वे विज्ञान से करना चाहते थे पर कॉलेज ने उनको  अनुमति नहीं दी तब श्रीकांत ने आंध्र प्रदेश बोर्ड के खिलाफ़ आवाज उठाई और छह महीने के बाद बोर्ड ने अनुमति दे दी और उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और बारहवीं में 98%  प्रतिशत से उत्तीर्ण किया । उन्होंने आगे की पढाई अमेरिका के MIT  कॉलेज  से किया था ।  इसी के साथ के साथ वे पहले ब्लाइंड  बने जो MIT कॉलेज से पूरा किया था । उन्हे वहां पर भारी पैकेज का जॉब लगा। पर वे वहां से वापस इंडिया  लौट आए और फूड पैकेजिंग कि कंपनी खोली और  इसकी शुरुआत केवल 8 लोगो की टीम से किया था।अपने जैसे हजारों लोगों को जॉब दिया जब उनकी कंपनी रफ्तार पकड़ने लगी तो उनके सामने फंडिंग की दिक्कत आने लगी। पर श्रीकांत पिछे मुड़ने वाले थोडी थे। वे निजी बैंको से मिलकर इस प्रॉब्लम को दूर किया और 23 साल की उम्र में 50 करोड़ के CEO है। श्रीकांत अपनी कंपनी को अर्श से लेकर फर्श तक लेकर गए । ये सभी युवाओं के प्रेरणा के स्रोत है।


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