तुझसे कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ…..

 गमों को खुशी में बदल देना चाहता हूँ,

तुझे पाने की चाहत हैं, तुझे पाना चाहता हूँ ||

हर तरफ तेरे इश्क की इस नशीली- हवा,

को पूरी तरह से फैला देना चाहता हूँ ||

बहाकर खुद को तेरी इस हवा में,

मैं पूरी तरह से मदहोश होना चाहता हूँ ||

इस मदहोशी को ,मैं बरकरार रखना चाहता हूँ,

तुझसे इश्क कर,खुद को तेरा गुलाम बनाना चाहता हूँ ||

मैं तेरे हाथों की कलम बनना चाहता हूँ, 

तु लिखे जिसे हर कागज पर, वो लफ्ज़ बनना चाहता हूँ ||

पूरे जहाँन में चर्चें हों हमारी मोहब्बत के, 

तुझसे कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ ….

तुझसे कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ…..

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