नव वर्ष का आगमन

मेरे सभी पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ। आप सभी के कुशल भविष्य की कामना हेतु यह रचना

मकर संक्रांति फिर लौट आएगी,

होली के रंग भी पुनः बिखरेंगे

गणपति बप्पा और माँ दुर्गा

इस वर्ष भी हमारे साथ होंगे

गणगौर और चौथ की मेहंदी से

सभी सुहागिनों के हाथ रचे होंगे

दीपावली पर हर घर इस बार भी

तारे, सितारे- दीपक से सजे होंगे

तकलीफ़ें हज़ार इस वर्ष भी आएँगी

हम कल लड़े थे, आज भी लड़ेंगे

पहले भी परेशानियों ने ही घुटने टेके थे,

आज भी हम हार नहीं मानेंगे

इस वर्ष प्रण बड़े हो न हो

कोशिश है कि सच्चे ज़रूर होंगे

देश के लिए जान कुर्बान नहीं करें

लेकिन नागरिक अच्छे ज़रूर होंगे

हर दिन कुछ सीखने का जज़्बा होगा

और बेहतर बनने की लालसा होगी

समर्पण का भाव जगेगा

और तब ही, सही मायने में,

नव वर्ष की किलकारी गूँजेगी।।

– अरुणिमा गुप्ता

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