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May 12

माँ

माँ

रिश्तों की इतनी समझ तो नहीं थी मुझे आँख खुलते ही माँ का आँचल देखा था पहली बार पलक भी न झपकी थी कि निःस्वार्थ प्रेम का वो उदाहरण देखा था चेहरे की उस मुस्कान का कोई मोल नहीं है उस अनमोल तोहफे को सदा संजोए रखना जिसकी खामोशी का एहसास हर पल होता है…

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May 12

माँ

माँ

रिश्तों की इतनी समझ तो नहीं थी मुझे आँख खुलते ही माँ का आँचल देखा था पहली बार पलक भी न झपकी थी कि निःस्वार्थ प्रेम का वो उदाहरण देखा था चेहरे की उस मुस्कान का कोई मोल नहीं है उस अनमोल तोहफे को सदा संजोए रखना जिसकी खामोशी का एहसास हर पल होता है…

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रिश्ते प्यार के

जहाँ आत्मा भी एक दूसरे पर आश्रित हो जहाँ जीवन ही एक दूसरे को समर्पित हो जहाँ आँखों से ओझल होते ही खालीपन का एहसास हो जहाँ हर पल एक दूसरे को महसूस करने की आस हो जहाँ एक दूसरे को महफूज़ रखने की हर एक दुआ हो जिसकी ताकत से पास कभी बुरी नज़र…

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जीवन के रंग

जीवन में हर रंग का मज़ा लो हर दिन होली का पर्व बना लो अनगिनत रंग हैं इस दुनिया में इस छोटी सी ज़िन्दगी को इंद्रधनुष बना लो माँ के दुग्ध का श्वेत रंग हो गले में पहना वो पहले स्वर्ण आभूषण का संग हो वो काले मोती कलाई पर सजे वो चांदी की पायल…

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नव वर्ष का आगमन

मेरे सभी पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ। आप सभी के कुशल भविष्य की कामना हेतु यह रचना मकर संक्रांति फिर लौट आएगी, होली के रंग भी पुनः बिखरेंगे गणपति बप्पा और माँ दुर्गा इस वर्ष भी हमारे साथ होंगे गणगौर और चौथ की मेहंदी से सभी सुहागिनों के हाथ रचे होंगे दीपावली पर…

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विश्वास हूँ मैं

निराश हूँ मैं अपने ही आप से हताश हूँ मैं जीतना चाहती थी पर हार गई शर्मसार हूँ मैं निराश हूँ मैं लोगों के सामने शायद खुश हूँ मैं पर अपने अंदर ही बिखरी हूँ मैं टूट गयी हूँ, परेशान हूँ मैं अपने ही आप से हताश हूँ मैं सपने दूर जाते दिख रहे हैं…