Category Archives: Morals of life

माँ की व्यथा

माँ की व्यथा

तेरे बिन मैं कैसे जी सकूँगी हर दिन जीते-जी मरूँगी तू साथ दे ना दे मैं तेरा सहारा बनूँगी बस मुझे छोड़कर न जा चंद पैसों के गुणगान मत गा तज दे यह मोह माया ना मिलेगा प्यार इन हाथों सा सच्चे सुकून की अनुभूति कर झूठी शौहरत के लिए ना मर पुत्र को जाता…

तेज़ाब!!!

तेज़ाब!!!

ज़िन्दगी के हसीन लम्हे कब भयावह रूप ले लें, क्या पता… कब किसी अकारण हिंसा और दरिंदगी का शिकार बन जाएँ? एक मासूम, सुंदर लड़की रास्ते से जाए, कोई सरफिरा उससे प्यार करने का दावा करे, वो मना कर दे तो… तो क्या!! मेरी नहीं तो किसी की नहीं! तेज़ाब!!! उसकी दर्दभरी आवाज़ कहती है-…

मैं अकेली नहीं हूँ

मैं अकेली नहीं हूँ

अकेली नहीं हूँ, बस साथ कोई खड़ा नहीं है लड़खड़ा रही थी मैं, छटपटा रही थी मैं खुद को संभालने की कोशिश में खुद से ही विश्वास खो रही थी मैं लोगों का पल भर का झूठा साथ नहीं चाहिए किसी को अपना मानने से डर रही थी मैं भरोसा तो करना चाह रही थी,…

5 Reasons why people don’t find love

5 Reasons why people don’t find love

This is the psychological feature post, when we tend to bring you a unique style of post that ought to improve your life. nowadays we’re staring at five reasons why individuals don’t notice love. Today it’s all a few special topic love the difficult feelings we’ve got regarding love or rather the shortage of affection…

काश

काश

काश मैं हमेशा बचपन में ही रहती नहीं, ज़िन्दगी की ज़िम्मेदारी से डरी नहीं लोगों की भावनाएं भी झूठी हो सकती हैं पता चला तो भी मेरी सच्चाई हारी नहीं बचपन की हठ में लालच नहीं था बड़ों के पैसों के आगे झुक गया है प्यार व्यापार और लाभ नफा में तोलकर परिवार रूपी धन…

दीपावली

दीपावली

दीवाली के दीपक जल रहे हैं बिखेर दो तुम भी खुशियों की रोशनी मिठाई के डिब्बे बिक रहे हैं दूसरों के जीवन में भी भर दो चाशनी पटाखे खुशियों का नाम नहीं फिर भी हर्ष उल्लास है इतने शोर में भी दिल में एक अनकही सी आस है वंचित ना रहे घर एक भी दीपक…