Meditation कैसे करते हैं और फायदा कैसे होता हैं। 

Hello दोस्तों, 

आज हम इस Blog में पढ़ने वाले है कि Meditation (ध्यान) के मानसिक, शारिरीक  , बौद्धिक लाभ।  ध्यान एक सहज और सरल विधि हैं। भारत में प्राचीन काल से ही ऋषि मुनियों ने इसका लाभ उठाया है। 


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 ध्यान करने के सरल उपाय और तकनीक

एक गहरे ध्यान के अनुभव के लिए यह आसान सुझाव ही अत्यंत प्रभावशाली है।समय एवं स्थान का अच्छा चयन करें।पेट को थोड़ा खाली रखें और आराम से बैठें जाए ।कुछ प्राणायाम / व्यायाम एवं गहरी सांस के साथ प्रारंभ करे।अधिक मुस्कान रखें।

आपको पता होना चाहिए कि , बस थोड़ा समय अपने ध्यान के तैयारी में खर्च करने से ध्यान का गहरा और चमत्कारी अनुभव प्राप्त कर सकते हैं?

ध्यान करने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं , जिससे आपको घर पर ही ध्यान करने के लिए मदद कर सकती हैं।



ध्यान के पहले गहरी सांस लेना और छोड़ना और प्राणायाम करना अच्छा होता है। इससे मन शांतिपूर्ण ध्यान अवस्था में चला जाता है।अपने चेहरे पर सौम्य मुस्कान बना कर रखना ।

अपने चेहरे पर सौम्य मुस्कान लाने से आप अपने आप में निश्चित फर्क महसूस करेंगो। एक निरंतर सौम्य मुस्कान से आप आराम और शांति अनुभव करेंगे और यह आपके ध्यान के अनुभव को बहुत बढ़ाता है।

जैसे आप ध्यान के अंत में पहुंचे तो अपनी आँखों को खोलने में जल्दी कभी न करें। आँखे खोलने पर मन बाहरी चीजों की तरफ भागने लग जाता है, इसलिए ध्यान के पश्च्यात अपनी आँखे धीरे – धीरे खोले। 


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ध्यान एक पूर्ण विश्राम है। यह किसी वस्तु पर अपने विचारों का केन्द्रीकरण या एकाग्रता करना नहीं है। अपितु यह अपने आप में विश्राम पाने की श्रेष्ठ प्रक्रिया है। ध्यान करने से हम अपने किसी भी कार्य  को एकाग्रता से पूर्ण सकते हैं।

ध्यान वास्तव में दिमाग का विश्राम का समय है, इसलिये इसे अपनी सुविधा के अनुसार ही करें। ऐसा समय चुनना चाहिए जब एकांत हो और आपको किसी भी प्रकार की जल्दी नहीं होगी ।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जब प्रकृति दिन और रात में परिवर्तित होती है, यह समय ध्यान का अभ्यास करने लिये सबसे बहुत आदर्श माना जाता है।

सुविधाजनक समय के साथ सुविधा जनक स्थान को अवश्य चुने जहां आप को कोई भी परेशान न कर सके। शांत और शांतिपूर्ण वातावरण ध्यान के अनुभव को और अधिक आनंदमय और विश्रामदायक बना देता है।


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ध्यान के समय सुखद और स्थिर बैठना बहुत आवश्यक और महत्वपूर्ण है। आप ध्यान करते समय सीधे बैठें और रीड की हड्डी पुरी तरह सीधी रखे, अपने कंधे और गर्दन को विश्राम दे और पूरी प्रक्रिया के दौरान आँखे पूर्णरूप से बंद ही रखें। ध्यान करते समय आप आराम से चौकड़ी मार कर बैठ जाइये , पद्मासन में बैठने की आव्यशकता नही है। किंतु बैठने से अधिक फायदेमंद साबित होता हैं।

भोजन से पहले का समय ध्यान के लिए काफी अच्छा होता है। भोजन के बाद में आप को नींद आ जायेगी।

ध्यान के पहले थोड़ी देर का सूक्ष्म योग करने से आपके रक्त परिसंचरण में काफी सुधार होता है, शरीर की जड़ता और बैचेनी दूर हो जाती है ।और शरीर में हल्कापन महसूस होता है। इससे आप स्थिरता के साथ अधिक समय बैठ सकते है।

ध्यान के लाभ ।शांत चित्त प्राप्त होता है।अच्छी एकाग्रता बनती है।बेहतर स्पष्टता का विस्तार होता है।बेहतर संवाद करने की कला प्राप्त होती हैं।मस्तिष्क एवं शरीर का कायाकल्प होता है।


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ध्यान के स्वास्थ्य लाभ।

ध्यान के कारण शरीर की आतंरिक शक्तिओं में विशेष रूप से परिवर्तन होते हैं ।शरीर की प्रत्येक कोशिका ऊर्जा से भर जाती है। शरीर में प्राणशक्ती के बढ़ने से प्रसन्नता, शांति और उत्साह का संचार भी अधिक बढ़ जाता है।

ध्यान से शारीरिक स्तर पर होने वाले लाभ

उच्च रक्तचाप का कम होना, रक्त में लैक्टेट का प्रमाण कम होना, व्याकुलता का कम होना।

तनाव जनित सिरदर्द, घाव, अनिद्रा, मांशपेशियों एवं जोड़ों के दर्द से बेहद राहत मिलती है।प्रतिरक्षा तंत्र में अधिक सुधार आ जाता है।

ऊर्जा के आतंरिक भंडार में उन्नति के कारण ऊर्जा-स्तर में वृद्धि होती है।


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ध्यान के फायदे-

Meditation से हम अपने ही दिमाग को शांत करते है ।

कहा जाता है इंसान का दिमाग अनंत शक्तियों का भंडार है । और Meditation (ध्यान) के जरिये आप अपनी सोई हुई शक्तियों को जगा और बडा सकते हैं ।

अगर आप अपने जीवन को पूर्णता से जीना चाहते हैं तो ध्यान करे .

ध्यान से आप तनाव मुक्त जीवन जीते हैं औरआप अपने पूरा काम समय में पूरे कर सकते हैं।शरीर ज़्यादा स्वस्थ रहता है।नींद अच्छी आती है।विद्यार्थी कम समय में अच्छी पढ़ाई कर पाते हैं .।ध्यान से आपका धैर्य और एकाग्रता दोनों ही बढ़ते हैं.

ध्यान से होने वाले मानसिक लाभ  :-

ध्यान से दिमाग की एकाग्रता शक्ति बढती है जिससे हर बात को अधिक ध्यान से सुनने और हर काम को अधिक ध्यान से करने की आदत बन जाती है । इससे स्मरण शक्ति अवश्य अधिक बढती है जिससे आप लम्बे समय तक किसी बात को अच्छी तरह याद रख सकते है । ध्यान से सभी प्रकार के विचार और आचार शुद्ध होने से किसी भी प्रकार के मानसिक रोग के होने की सम्भावना पुर्ण रूप से कम हो जाती है । ध्यान से मानसिक शक्ति के बढ़ने से दूसरों को आकर्षित करना और अपना प्रभाव डालना आदि कार्य किये जा सकते है ।


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ध्यान से होने वाले शारीरिक लाभ 

ध्यान सम्पूर्ण रूप से मानसिक प्रक्रिया होती है किन्तु जो लोग ध्यान के अच्छे अनुभवी है वह ध्यान से किसी भी प्रकार का लाभ अवश्य ले सकते है । पहले तो ध्यान की पूर्व तैयारी में आपको आसन और प्राणायाम का अभ्यास अवश्य करना होगा जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों लाभ अवश्य सम्भव है । जब ध्यान का अच्छा अभ्यास हो जाता है तो मनुष्य प्राण शक्ति कोहेर – फेर कर सकता है ।जिससे शरीर के क्षतिग्रस्त अवयव को ठीक किया जा सकता है । इस प्राण शक्ति में इतनी शक्ति होती है कि मनुष्य अपने शरीर को पत्थर के जैसा मजबूत बना सकता है ।


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 ध्यान से होने वाले आध्यात्मिक लाभ :-

ध्यानयोग ऐसी कला है जिससे कई प्रकार के चमत्कारीक लाभ होते है । जिनमें से आध्यात्मिक लाभ एक है । प्रतिदिन ध्यान करने से मनुष्य में सात्विक शक्ति की वृद्धि होने लगती है । परिणाम स्वरूप काम, क्रोध, लोभ, घृणा, हिंसा, द्वेष, ईर्ष्या , मद , मोह आदि के कुविचार दूर होते रहते है । इससे आपका मन शांत और प्रसन्न चित्त बना रहता है । ईश्वर का ध्यान करने से ईश्वरीय गुणों का विकास होता रहता है जो सभी प्रकार से व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है । ध्यान से संकल्प शक्ति प्रबल मजबूत होती है तथा आत्मविश्वास बढ़ता है । ध्यान करने वाला कभी भी हताश और निराश नहीं होता क्योंकि उसको ईश्वर पर भरोसा होता है । ध्यान से निरंतर प्राण तत्व की वृद्धि होती है । जिससे मनुष्य की प्रत्येक इन्द्रिय का प्रभाव कई गुनासे बढ़ जाता है । आँखों और चेहरे पर अद्भुत तेज चमकने लगता है । विचारों में दृढ़ता के गुण आ जाते है । वाणी और दृष्टि में ऐसी सम्मोहन शक्ति विकसित हो जाती है कि कोई भी अपकी की बात को टाल ही नहीं सकता । यह ध्यान से होने वाले चमत्कारी आध्यात्मिक लाभ है ।


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ध्यान से होने वाले भौतिक लाभ:-

भौतिक लाभ अर्थात समाज में , परिवार में , धन में , सफलता के सम्बंधित सारे लाभ निश्चित रूप से होगे। उपर वर्णित ध्यान से सभी लाभ किसी न किसी रूप में स्पष्ट दिखाई देते है । अतः सभी ध्यान करेंगे तो सभी के विचार पवित्र और शुद्ध होंगे जिससे घर, परिवार, समाज और देश में शांति और सुख की स्थापना अवश्य होगी । आपका व्यक्तित्व विकास होगा जिससे लोग आपको अधिक से अधिक पसंद करेंने लगेंगे । ध्यान से सफलता के आसार बढ़ जायेंगे । कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ध्यान से धरती पर स्वर्ग का निर्माण अवश्य संभव है ।


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ध्यान के मानसिक लाभ |

ध्यान, मस्तिष्क की तरंगों के स्वरुप को उच्च स्तर पर ले जाती है जिससे चिकित्सा की गति तेज रफ्तार से बढ़ जाती है। मस्तिष्क पहले से अधिक सुन्दर, नवीन और कोमल होने लगता है। ध्यान मस्तिष्क के आतंरिक रूप को स्वच्छ व पोषण प्रदान करवाता है। जब भी आप व्यग्र, अस्थिर और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं ।तब ध्यान आपको शांत और स्थिर करता है। ध्यान के सतत अभ्यास करने से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

व्यग्रता का कम होना।

भावनात्मक स्थिरता में अधिक रूप से सुधार होता है।

रचनात्मकता में काफी वृद्धि होती है।

प्रसन्नता में संवृद्धि तेज रफ्तार से बढ़ जाती हैं।

सहज बोध का विकसित होने लगता है।

मानसिक शांति एवं स्पष्टता बढ़ जाती हैं।

परेशानियों का छोटा होना सुरू हो जाता है।

ध्यान मस्तिष्क को केन्द्रित करते हुए कुशाग्र बनाता है ।

कुशाग्र बुद्धि व विस्तारित चेतना शक्ति प्राप्त होती है।

ध्यान आपको जागृत करता है ।


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नवयुवाओं और विद्यार्थियों के लिए ध्यान के लाभ :-

नवयुवा और विद्यार्थी हमारे देश के कर्णधार है । लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि विदेशी सभ्यता और संस्कृति की नक़ल में आध्यत्मिक, शारीरिक और मानसिक रूप से बेकार चुके है । विद्यार्थियों के लिए ध्यान सबसे अधिक और अवश्य लाभकारी है । कारण कि विद्यार्थियों के दिमाग में कचरा सबसे कम होता है । जब कि आजकल सोशल साइट्स और टीवी के कारण अधिक कचरा फ़ैल चूका है । लेकिन फिर भी एक उम्र लगभग १८ वर्ष तक के बच्चों में यह देखने को नहीं मिल रहा । और दूसरी बात युवाओं और विद्यार्थीयों में creativity सबसे अधिक और बेहतर होती है । इसी creativity को यदि सही और अच्छी दिशा मिल जाये तो नवयुवा, वायु की तरह सभी मुसीबतों और रूकावटो का अच्छी तरह सफाया करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है ।


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ध्यान के लाभ कैसे प्राप्त करें |

ध्यान के लाभों को महसूस करने के लिए नियमित अभ्यास करना आवश्यक है। हर रोज यह कुछ ही समय लेता है। प्रतिदिन की दिनचर्या में एक बार आत्मसात कर लेने पर ध्यान दिन का सर्वश्रेष्ठ अंश बन जाता है। ध्यान एक बीज की तरह है। जब आप बीज को प्यार से विकसित करते हैं तो वह उतना ही खिलता जाता है।और एक विशाल पेड बन जाता है।

छात्रों हेतु ध्यान के लाभ |

आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं।

अधिक केन्द्रित व स्पष्ट मन हो जाता है ।

बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

बेहतर मानसिक शक्ति व ऊर्जा का निर्माण होता है।

अधिक गतिशीलता और प्रसन्नता प्राप्त होती हैं। 


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