Story of opportunity


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एक बार की बात है एक धोबी अपने गधे के साथ नदी से कपड़े धोकर घर आ रहा था । तब रास्ते में  आते समय उसे एक पत्थर दिखाई दीया जो चमक रहा था वह पत्थर उस धोबी को पसंद आ गया इसलिए उसने उस पत्थर को उठाकर अपने गधे के गले में डाल दिया और आगे घर की ओर आगे बढ़ने लगा वह कुछ दूर चला ही था कि एक व्यक्ति भी उस रास्ते में आ रहा था । वह गधे के गले में बधे  पत्थर को देखा और उस धोबी से बोला कि क्या तुम इस पत्थर को बेचना चाहते हो? तब धोबी ने बोला कि मैं इसे एक रुपए में दुगा। तब वह व्यक्ति बोला कि तुम मुझे इसे पचास पैसे में दोगे तब इसे लूगा। तब धोबी ने देने से मना कर दिया और आगे को बढ़ गया।

                                    

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जब वह कुछ दूरी चला ही था तो दूसरा व्यक्ति आया जो जौहरी था उस वह भी पत्थर को देखा और बोला कि क्या तुम इसे मुझे दोगे तब धोबी ने बोला कि तुम मुझे एक रूप दो और इस पत्थर को ले जाओ तब उस व्यक्ति ने जो जौहरी था। एक रुपए दे दिया और उस पत्थर को लेकर चला गया । धोबी भी अपने घर चला गया। कुछ देर बाद तेजी से एक व्यक्ति उसके घर में घुसा और उस धोबी से बोला कि पत्थर कहा है तब उस धोबी ने बोला कि मैं उसे एक रुपए में बेंच दिया ।तब वह व्यक्ति बोला कि तुम कितने बेवकूफ हो । वह पत्थर नहीं है वह तो हीरा है जिसका मूल्य इतना है कि अगर दुनिया का पूरा पैसा दे दिया जाय तब भी कम है। तब उस धोबी ने बोला कि तुम कितने बेवकूफ हो मै तो तुम्हे केवल एक ही रुपए में दे रहा था, तब भी तुम पचास पैसे में माग रहे थे अब तुम बताओ कि कौन बेवकूफ है?

 

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Moral of story-  इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमारे जीवन में भी ऐसे अवसर आते है। हम उस अवसर के पोटेंशियल को जानते हुए भी हम उसे कम मूल्य देने की कोशिश करते अथात हम उस अवसर को लेते नहीं है और उस मौके के चले जाने के बाद उसे ढूढते है और न मिलने पर बाद में पछताने लगते है।                                     हमारे जीवन में ऐसे अवसर आए तो तुरंत उस अवसर को अच्छी तरह से समझकर के ले लेना चाहिए ।

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