Tag: एक अधूरा ख़्वाब

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एक अधूरा ख़्वाब

उसकी आदत थी, वो कभी कुछ कहती ही नहीं , ईशारे तो दुर, वो कभी मुझे देखती ही नहीं | पास होकर भी, रोज दुर हों जाते थे हम | दिलो से दिलो की, मुलाकात हीं नहीं होती | सोचता था हर रोज, की आज तो वो मुझें देखेगी जरूर | इसलिए, सज-सँवर कर निकल…